बिहार सरकार की “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन देने की दिशा में एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आज राज्यभर में इस योजना की चौथी किस्त के रूप में पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹10,000 की राशि ट्रांसफर की जा रही है। यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जा रही है ताकि लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर परिवार की एक महिला को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना की शुरुआत के बाद से अब तक लाखों महिलाएं इससे जुड़ चुकी हैं और कई महिलाएं छोटे-छोटे रोजगार शुरू कर चुकी हैं। पहले तीन चरणों की राशि पहले ही जारी हो चुकी थी और अब चौथी किस्त के पैसे आ रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को कुल ₹10,000 की सहायता दी जाती है ताकि वे कोई छोटा व्यापार या व्यवसाय शुरू कर सकें। यदि महिला इस राशि का सही उपयोग करके सफलतापूर्वक रोजगार स्थापित करती है तो राज्य सरकार उसकी प्रगति के मूल्यांकन के बाद आगे ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान कर सकती है। यह पूरी प्रक्रिया बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (BRLPS – जीविका) के माध्यम से चलाई जा रही है।
लाभ पाने के लिए महिला का बिहार की निवासी होना जरूरी है और उसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए तथा सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। परिवार से केवल एक महिला को ही इस योजना का लाभ दिया जाता है। यदि महिला पहले से किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी है तो आवेदन प्रक्रिया आसान होती है। अगर वह शहरी क्षेत्र की निवासी है और किसी समूह से जुड़ी नहीं है, तो वह mmry.brlps.in वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती है।
आवेदन के समय महिला को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, और व्यवसाय से संबंधित जानकारी देनी होती है। आवेदन सफल होने के बाद पहली किस्त ₹10,000 की जारी होती है। इस राशि के मिलते ही महिला को अपने व्यवसाय की शुरुआत करनी होती है। छह महीने बाद अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन किया जाता है और यदि काम सफल पाया जाता है तो आगे और आर्थिक सहायता दी जाती है।
आज जारी की जा रही चौथी किस्त उन महिलाओं के लिए है जिनके आवेदन पहले से स्वीकृत हैं और जिन्होंने आवश्यक दस्तावेज पूरे कर लिए हैं। राज्यभर में लाखों महिलाओं के खातों में राशि भेजी जा रही है। यदि किसी महिला के खाते में पैसे नहीं पहुंचे हैं तो वह अपने जीविका समूह या पंचायत स्तर पर जाकर स्थिति की जानकारी ले सकती है।
यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक बड़ा प्रयास है। इसके माध्यम से महिलाएं छोटे-छोटे व्यापार जैसे सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, पशुपालन, दुकानदारी, फूड-प्रोसेसिंग आदि शुरू कर रही हैं। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदन या पैसा जारी करने के लिए किसी प्रकार की फीस नहीं ली जा रही है, इसलिए यदि कोई व्यक्ति शुल्क मांगता है तो वह धोखाधड़ी हो सकती है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार की महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। ₹10,000 की यह राशि सिर्फ शुरुआत है, आगे का ₹2 लाख का सहयोग उन्हें एक सशक्त उद्यमी के रूप में आगे बढ़ा सकता है। आज जब चौथी किस्त का पैसा आ रहा है, तब यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में लाखों महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होकर बिहार की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरेंगी।
